[gptPrompt] Rewrite this news title in Hindi. Make it catchy, professional and SEO friendly for Target Result: UP Board Class 10 Hindi Exam 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल यानी 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं। पहले दिन आयोजित हुई हिंदी की परीक्षा देकर निकले छात्रों के चेहरों पर सुकून और खुशी देखी गई। राज्य के विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा देने वाले अधिकांश छात्रों का कहना है कि प्रश्न पत्र उम्मीद से कहीं अधिक आसान था और वे इसमें बेहतरीन स्कोर करने की उम्मीद कर रहे हैं।प्रश्न पत्र का स्वरूप: सरल और सीधाआज सुबह की पाली में आयोजित हुई हिंदी की परीक्षा को लेकर छात्रों और शिक्षकों ने अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। छात्रों के अनुसार, पेपर पूरी तरह से यूपी बोर्ड के सिलेबस और मॉडल पेपर पर आधारित था।प्रश्न पत्र में गद्य और पद्य खंड से पूछे गए प्रश्न सीधे थे। जीवन परिचय और कवियों की रचनाओं से जुड़े सवाल भी काफी जाने-पहचाने थे। विशेष रूप से बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) ने छात्रों का काफी समय बचाया। व्याकरण खंड में संधि, समास और मुहावरे भी सरल स्तर के थे, जिससे छात्रों को उत्तर देने में अधिक कठिनाई नहीं हुई।टाइम मैनेजमेंट और छात्रों का अनुभवलखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज के केंद्रों से बाहर आए परीक्षार्थियों ने बताया कि पेपर को हल करने के लिए निर्धारित 3 घंटे 15 मिनट का समय पर्याप्त था। कई छात्रों ने तो समय से 20 मिनट पहले ही अपनी उत्तर पुस्तिका पूरी कर ली थी।एक छात्रा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “शुरुआत में थोड़ा डर था क्योंकि यह बोर्ड की पहली मुख्य परीक्षा थी, लेकिन जैसे ही प्रश्न पत्र हाथ में आया, स्ट्रेस दूर हो गया। निबंध के विषय बहुत ही सरल और आसान थे, जिससे लिखना काफी रोचक रहा।”ये भी पढ़ें:UP बोर्ड 10वीं के छात्रों के लिए OMR शीट के नए नियम, गलती पर मिलेगी ऑरेंज शीटये भी पढ़ें:परीक्षा में कांपते हैं हाथ? UP बोर्ड छात्रों के लिए विशेषज्ञों की खास सलाहये भी पढ़ें:यूपी बोर्ड में एडमिट कार्ड भूलने पर भी दे सकेंगे परीक्षाएक्सपर्ट और शिक्षकों की रायविषय एक्सपर्ट का मानना है कि इस साल का हिंदी का पेपर स्टूडेंट फ्रेंडली था। शिक्षकों ने बताया कि यदि किसी छात्र ने पिछले 5 वर्षों के अनसॉल्व्ड पेपर्स और बोर्ड द्वारा जारी मॉडल पेपर को हल किया होगा, तो वह आसानी से 90 प्रतिशत से अधिक अंक ला सकता है। गद्यांश पर आधारित व्याख्या और काव्य सौंदर्य के प्रश्न भी काफी सरल थे।यूपी बोर्ड ने इस बार परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सख्त सुरक्षा इंतजाम किए थे। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों और वॉयस रिकॉर्डर के जरिए निगरानी रखी गई। हिंदी के आसान पेपर के साथ हुई इस शुरुआत ने छात्रों के मनोबल को बढ़ा दिया है, जो उन्हें आने वाली गणित और विज्ञान जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए प्रेरित करेगा। [/gptPrompt]



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UP Board Class 10 Hindi Exam 2026: यूपी बोर्ड 10वीं की परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं। राज्य के विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा देने वाले अधिकांश छात्रों का कहना है कि प्रश्न पत्र उम्मीद से कहीं अधिक आसान था और वे इसमें बेहतरीन स्कोर करने की उम्मीद कर रहे हैं।

UP Board Class 10 Hindi Exam 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल यानी 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं। पहले दिन आयोजित हुई हिंदी की परीक्षा देकर निकले छात्रों के चेहरों पर सुकून और खुशी देखी गई। राज्य के विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा देने वाले अधिकांश छात्रों का कहना है कि प्रश्न पत्र उम्मीद से कहीं अधिक आसान था और वे इसमें बेहतरीन स्कोर करने की उम्मीद कर रहे हैं।

प्रश्न पत्र का स्वरूप: सरल और सीधा

आज सुबह की पाली में आयोजित हुई हिंदी की परीक्षा को लेकर छात्रों और शिक्षकों ने अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। छात्रों के अनुसार, पेपर पूरी तरह से यूपी बोर्ड के सिलेबस और मॉडल पेपर पर आधारित था।

प्रश्न पत्र में गद्य और पद्य खंड से पूछे गए प्रश्न सीधे थे। जीवन परिचय और कवियों की रचनाओं से जुड़े सवाल भी काफी जाने-पहचाने थे। विशेष रूप से बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) ने छात्रों का काफी समय बचाया। व्याकरण खंड में संधि, समास और मुहावरे भी सरल स्तर के थे, जिससे छात्रों को उत्तर देने में अधिक कठिनाई नहीं हुई।

टाइम मैनेजमेंट और छात्रों का अनुभव

लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज के केंद्रों से बाहर आए परीक्षार्थियों ने बताया कि पेपर को हल करने के लिए निर्धारित 3 घंटे 15 मिनट का समय पर्याप्त था। कई छात्रों ने तो समय से 20 मिनट पहले ही अपनी उत्तर पुस्तिका पूरी कर ली थी।

एक छात्रा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “शुरुआत में थोड़ा डर था क्योंकि यह बोर्ड की पहली मुख्य परीक्षा थी, लेकिन जैसे ही प्रश्न पत्र हाथ में आया, स्ट्रेस दूर हो गया। निबंध के विषय बहुत ही सरल और आसान थे, जिससे लिखना काफी रोचक रहा।”

एक्सपर्ट और शिक्षकों की राय

विषय एक्सपर्ट का मानना है कि इस साल का हिंदी का पेपर स्टूडेंट फ्रेंडली था। शिक्षकों ने बताया कि यदि किसी छात्र ने पिछले 5 वर्षों के अनसॉल्व्ड पेपर्स और बोर्ड द्वारा जारी मॉडल पेपर को हल किया होगा, तो वह आसानी से 90 प्रतिशत से अधिक अंक ला सकता है। गद्यांश पर आधारित व्याख्या और काव्य सौंदर्य के प्रश्न भी काफी सरल थे।

यूपी बोर्ड ने इस बार परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सख्त सुरक्षा इंतजाम किए थे। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों और वॉयस रिकॉर्डर के जरिए निगरानी रखी गई। हिंदी के आसान पेपर के साथ हुई इस शुरुआत ने छात्रों के मनोबल को बढ़ा दिया है, जो उन्हें आने वाली गणित और विज्ञान जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए प्रेरित करेगा।

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